कल्पना

मुख जो न बोलती, लेखनी उकेरती,
तराशती, निखारती, शब्दों से संवारती,
कल्पना के छाँव में, तस्वीरें हैं बोलती,
प्रीत के हर भाव को, रह रह पुकारती I

Comments

  1. प्रेम है , तो है
    तुमसे है , तो है
    अगर कहा नहीं ,
    तो पक्का है I

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